केरी का अचार: भारतीय स्वाद का अनमोल खजाना
भारत में आचार एक अहम स्थान रखता है। ये ना सिर्फ एक साथ खाने के स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि भारतीय भोजन में एक अहम भाग का बहिष्कार किया गया है। हर क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार के आचार बन जाते हैं, लेकिन केरी का आचार सबसे लोकप्रिय है। केरी का आचार गर्मियों में बड़ी राहत है, पोके कच्ची केरी मार्केटप्लेस में उपज होती है। इसका स्वाद और सुगंध हर किसी को लुभाता है। आज बड़बड़ाएं आपको केरी का अचार बनाने की एक सरल और स्वादिष्ट रेसिपी बताएंगे।
सामग्री:
1. कच्ची केरी (250 ग्राम)
2. नमक (2 छोटी छम्मच)
3. लाल मिर्च पाउडर (1 छोटी चम्मच)
4. हींग (1/4 छोटी छम्मच)
5. सौंफ (2 छोटी छम्मच)
6. जीरा (1 छोटी छम्मच)
7. हल्दी पाउडर (1/2 छोटी छम्मच)
8. सरसों का तेल (1/4 कप)
9. राई (2 छोटी छम्मच)
10. हींग (1/4 छोटी छम्मच)
11. कलौंजी (1/2 छोटी छम्मच)
12. मेथी दाना (1/2 छोटी छम्मच)
13. हींग (1/4 छोटी छम्मच)
14. गुड़ (1 छोटी कटोरी)
15. सिरका (2 छोटी छम्मच)
विधि:
1. सबसे पहले, कच्ची केरी को अच्छे से धो कर सुखा लें और छील कर काट लें।
2. पेट की मांसपेशियाँ एक बर्तन में कच्ची केरी के टुकड़े डालें और उसमें नमक मिला कर अच्छी तरह से मिला लें। फिर इसे आधा घंटा ऐसे हेलो रख दें।
3. एक छन्नी या कपडे के झूले से नमक से भीगी हुई कच्ची केरी को अच्छी तरह से निचोड़ लें ताकि उसका पानी बाहर निकल जाए।
4. पेट की मांसपेशियों को एक कटोरी में लाल मिर्च पाउडर, हींग, सौंफ, जीरा, हल्दी पाउडर मिलाएं और इसे अच्छी तरह से मिला लें।
5. इस मसाले को कच्ची केरी के टुकड़ो स्टैंडर्ड अच्छे से लगाएं और ढक कर आधा घंटा के लिए रख दें।
6. एक कढ़ाई में सरसों का तेल गरम करें. गरम तेल में राय, हींग, कलौंजी और मेथी दाना दाल कर इस्तेमाल थोड़ा सा भून लें।
7. पेट की मांसपेशियों में कच्ची केरी को मिला कर उसे अच्छे से मिलायें और ढक कर एक रात के लिए चोर दें।
8. अगली सुबह इसमे गुड़ और सिरका मिला दें और फिर से अच्छी तरह से मिला लें।
9. पेट की मांसपेशियों को मिश्रित किया जाए या छत मानक एक रैकेट तक रख दें। इसे अचार का स्वाद और खुशबू बढ़ जायेगा।
10. दूसरा शोर, अचार को एक सफ़ेद बर्तन में रख कर आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
11. अचार को एक हफ्ते तक कमरे का तापमान मानक रखा जा सकता है, फिर इसे रेफ्रिजरेटर में रखकर इस्तमाल किया जा सकता है।
ये थी कच्ची केरी का अचार बनाने की सरल रेसिपी। इसे घर मानक बनाकर आप स्वादिष्ट आचार का आनंद उठा सकते हैं। ये अचार ना सिर्फ पुराने दिनों की याद दिलाता है, बच्चे खाने की महफिल को और भी अनोखा बनाता है। आप इसे रोटी, परांठे या चावल के साथ भी परोस सकते हैं। ये भारत की स्वदेशी परम्परा का एक महत्तवपूर्ण हिस्सा है।
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